बजट सत्र के दूसरे दिन हंगामे के बीच डैम, राशन और बाजार समिति पर तीखी बहस
रांची, 19 फरवरी : झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन गुरुवार को सदन की कार्यवाही सुबह 11:05 बजे प्रश्नकाल से शुरू हुई। प्रश्नकाल शांतिपूर्ण और सुचारू रूप से चला, लेकिन चांडिल डैम से प्रभावित विस्थापितों का मुद्दा सदन में प्रमुखता से उठा।
चांडिल डैम विस्थापितों का पुनर्वास
Sabita Mahato (ईचागढ़ विधायक) ने कहा कि Chandil Dam से प्रभावित विस्थापितों का अब तक पूर्ण पुनर्वास नहीं हुआ है और पिछले दो वर्षों से इस संबंध में कोई बैठक भी नहीं हुई।
इस पर जल संसाधन मंत्री Hafizul Hasan ने जवाब दिया कि 13 स्थानों पर विस्थापितों को भुगतान किया जा चुका है और शेष को भी नियमानुसार भुगतान किया जा रहा है।
विधायक सबिता महतो ने दावा किया कि केवल 116 गांवों के विस्थापितों को ही राशि मिली है, शेष को भी शीघ्र भुगतान किया जाना चाहिए। मंत्री ने आश्वस्त किया कि सभी पात्र लोगों को नियमानुसार भुगतान होगा।
सिंचाई और डैम का मुद्दा
Jairam Mahato (डुमरी विधायक) ने सवाल उठाया कि जिन डैमों का निर्माण सिंचाई के लिए हुआ, वहां वास्तव में कितने गांवों को लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा कि एक गांव का भी नाम बताया जाए, जहां खेतों की सिंचाई डैम के पानी से हो रही हो।
मंत्री हफीजुल हसन ने जवाब दिया कि चार लाख एकड़ से अधिक भूमि की सिंचाई डैम के पानी से हो रही है।
जयराम महतो ने यह भी आरोप लगाया कि डैम किसानों की जमीन पर बनते हैं, लेकिन पानी कंपनियों को दिया जाता है। ऐसे में किसानों के पुनर्वास में बाधाएं क्यों आती हैं?
मंत्री ने कहा कि सरकार अब छोटे तालाबों के निर्माण पर भी जोर दे रही है और 2029-30 तक चार लाख हेक्टेयर भूमि की सिंचाई का लक्ष्य रखा गया है। अंडरग्राउंड पाइपलाइन सिस्टम के जरिए किसानों तक पानी पहुंचाने की योजना पर काम जारी है।
खाद्य आपूर्ति और बायोमेट्रिक समस्या
Hemlal Murmu ने खाद्य आपूर्ति विभाग से जुड़ा प्रश्न उठाते हुए कहा कि प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारियों की नियुक्ति नहीं होने और इंटरनेट की कमी के कारण सुदूर क्षेत्रों में बायोमेट्रिक प्रणाली से राशन वितरण में दिक्कत हो रही है।
मंत्री Irfan Ansari ने जवाब दिया कि सत्यापन कार्य जारी है और सरकार ने 2जी के स्थान पर 4जी मशीनें उपलब्ध कराई हैं। समय पर अनाज वितरण सुनिश्चित किया जा रहा है।
बाजार समितियों की स्थिति
Saryu Roy ने बाजार समितियों की बदहाल स्थिति का मुद्दा उठाया। इस पर कृषि मंत्री Shilpi Neha Tirkey ने कहा कि समितियों के संचालन के लिए आवश्यक मानव बल उपलब्ध है। जल्द ही नियमावली तैयार कर पारदर्शी तरीके से संचालन सुनिश्चित किया जाएगा।
