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तिनसुकिया के आदिवासी महासभा में शामिल हुए सीएम हेमंत, एकता और अधिकारों पर दिया जोर

मुख्यमंत्री

Tinsukia (Assam) : झारखंड के मुख्यमंत्री और झारखंड मुक्ति मोर्चा के अध्यक्ष हेमंत सोरेन रविवार को असम के तिनसुकिया जिले में आयोजित आदिवासी महासभा में शामिल हुए। इस महासभा का आयोजन ऑल आदिवासी स्टूडेंट्स एसोसिएशन ऑफ आसाम (AASAA) की ओर से किया गया था। कार्यक्रम में आदिवासी समाज के हजारों लोग मौजूद रहे। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के साथ राज्य के मंत्री चमरा लिंडा, सांसद विजय हांसदा और विधायक एमटी राजा भी कार्यक्रम में शामिल हुए। सभा स्थल पर पारंपरिक नृत्य, लोकगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से आदिवासी समाज की समृद्ध परंपरा और संस्कृति को दर्शाया गया।

सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि उन्हें असम के आदिवासी समाज से गहरा जुड़ाव महसूस होता है। उन्होंने कहा कि इतने बड़े आदिवासी समुदाय से सीधे मिलने का अवसर उनके लिए खास है। उन्होंने लोगों को “जोहार” कहकर संबोधित किया और गर्मजोशी से स्वागत करने के लिए आभार जताया।

AASAA के पदाधिकारियों ने मंच से पूर्वोत्तर क्षेत्र में रहने वाले आदिवासी समुदाय की सामाजिक, शैक्षणिक और सांस्कृतिक समस्याओं पर अपनी बात रखी। उन्होंने शिक्षा, रोजगार और पहचान से जुड़े मुद्दों को उठाते हुए केंद्र और राज्य सरकारों से ठोस कदम उठाने की मांग की।राजनीतिक जानकारों का मानना है कि झारखंड के मुख्यमंत्री की इस कार्यक्रम में मौजूदगी से झारखंड और असम के आदिवासी समाज के बीच आपसी संबंध मजबूत होंगे। साथ ही यह कदम पूर्वोत्तर क्षेत्र में राजनीतिक और सामाजिक सहयोग को नई दिशा दे सकता है।

इस मौके पर हेमंत सोरेन ने आदिवासी समाज की जड़ों, उनकी संस्कृति और उनके अधिकारों की रक्षा पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आदिवासी समुदाय की एकता ही उसकी सबसे बड़ी ताकत है। उल्लेखनीय है कि असम में इस वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए झारखंड मुक्ति मोर्चा ने राज्य में चुनाव लड़ने की घोषणा भी की है।

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