खेलरांची

झारखंड की मेजबानी में 69वीं राष्ट्रीय स्कूली शतरंज एवं साइक्लिंग प्रतियोगिता का भव्य शुभारंभ

Ranchi : झारखंड की मेजबानी में स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग अंतर्गत झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद द्वारा आयोजित 69वीं राष्ट्रीय स्कूली शतरंज एवं साइक्लिंग (रोड एवं ट्रैक) प्रतियोगिता का आज भव्य उद्घाटन किया गया। यह राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता 13 जनवरी से 17 जनवरी 2026 तक आयोजित की जाएगी।

दोनों खेलों का उद्घाटन रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों, दीप प्रज्वलन एवं गुब्बारे उड़ाकर किया गया।

 साइक्लिंग प्रतियोगिता का उद्घाटन

साइक्लिंग रोड एवं ट्रैक प्रतियोगिता के उद्घाटन समारोह का आयोजन रिंग रोड स्थित विकास नेवरी में किया गया। इस अवसर पर झारखंड के पूर्व खेल मंत्री मिथलेश कुमार ठाकुर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

विशिष्ट अतिथियों में ट्रैफिक डीएसपी शिवकुमार, जिला शिक्षा अधीक्षक बादल राज, सेवानिवृत्त डिप्टी कमांडेंट एस.एस. गील, झारखंड साइक्लिंग संघ के महासचिव शैलेन्द्र कुमार पाठक एवं डॉ. धर्मेंद्र लंब्बा शामिल थे।

 शतरंज प्रतियोगिता का उद्घाटन

वहीं शतरंज प्रतियोगिता का उद्घाटन खेलगांव स्थित हरिवंश ताना भगत इंडोर स्टेडियम में किया गया। उद्घाटन समारोह में अखिल भारतीय शतरंज संघ के संयुक्त सचिव मनीष कुमार मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

विशिष्ट अतिथियों में नवजोत अलंग (सचिव, रांची जिला शतरंज संघ) एवं दीपक कुमार (अंतरराष्ट्रीय आर्बिटर) मौजूद थे।

 अतिथियों का सम्मान

सभी अतिथियों का स्वागत आयोजन सचिव सह राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी धीरसेन ए. सोरेंग द्वारा पुष्पगुच्छ, अंगवस्त्र एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर किया गया।

 प्रेरक संबोधन

मुख्य अतिथि मिथलेश कुमार ठाकुर ने कहा कि खेल ऐसा माध्यम है जिससे खिलाड़ी न केवल अपना बल्कि अपने परिवार, राज्य और देश का नाम रोशन करते हैं। पढ़ाई जीवनयापन सिखाती है, जबकि खेल मान-सम्मान, पहचान और आत्मविश्वास प्रदान करता है।

उन्होंने कहा कि खेलों के क्षेत्र में झारखंड को मिल रही नई पहचान माननीय मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की दूरदर्शी सोच और निरंतर समर्थन का परिणाम है।

शतरंज प्रतियोगिता के मुख्य अतिथि मनीष कुमार ने खिलाड़ियों को प्रेरित करते हुए कहा कि आज भारत पुरुष और महिला दोनों वर्गों में विश्व चैंपियन है, जो देश के लिए गर्व का विषय है। समर्पण और मेहनत से आप भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन कर सकते हैं।

 स्वागत संबोधन

स्वागत संबोधन में आयोजन सचिव धीरसेन ए. सोरेंग ने कहा कि शतरंज केवल एक खेल नहीं, बल्कि भारत की प्राचीन बौद्धिक परंपरा का गौरवशाली प्रतीक है, जिसकी उत्पत्ति “चतुरंग” के रूप में इसी धरती पर मानी जाती है। यह खेल धैर्य, एकाग्रता, अनुशासन और चरित्र निर्माण का सशक्त माध्यम है।

 प्रतियोगिता की जानकारी

इस राष्ट्रीय स्कूली प्रतियोगिता में

 शतरंज: अंडर-14 बालक एवं बालिका वर्ग

 साइक्लिंग रोड एवं ट्रैक: अंडर-14, 17 एवं 19 आयु वर्ग

में देशभर से लगभग एक हजार खिलाड़ी भाग ले रहे हैं।

 साइक्लिंग में पदक विजेता

आज आयोजित साइक्लिंग रोड प्रतियोगिता के अंडर-19 बालक वर्ग (20 किमी) स्पर्धा में

 स्वर्ण पदक – रोहित पुनिया (राजस्थान)

 रजत पदक – होनपा धर्माटी (कर्नाटक)

 कांस्य पदक – हनुमंथा हुलकरी (कर्नाटक) ने प्राप्त किया।

 आयोजन में सहयोग पूरे आयोजन को सफल बनाने में राज्य खेल कोषांग के सभी सदस्यों एवं आयोजन समिति का अहम योगदान रहा।

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