छात्रों से अवैध वसूली मामले में बड़ा फैसला: झारखंड हाईकोर्ट ने सीबीआई जांच के दिए आदेश

रांची : झारखंड हाईकोर्ट के न्यायाधीश राजेश कुमार की अदालत ने धनबाद इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए मंगलवार को एक अहम फैसला सुनाया। अदालत ने झारखंड यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी (जेयूटी) और ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन (एआईसीटीई) की भूमिका की जांच के लिए सीबीआई जांच का आदेश दिया है।
कोर्ट ने सीबीआई को दो प्रमुख बिंदुओं पर जांच करने का निर्देश दिया है। पहला, जेयूटी और एआईसीटीई किस तरह छात्रों को नामांकन के बाद परीक्षा में बैठने के नाम पर फंसाकर उनसे अवैध वसूली कर रहे हैं। दूसरा, छात्रों के शोषण में इन संस्थाओं की वास्तविक भूमिका क्या है।
हाईकोर्ट ने सीबीआई को दो सप्ताह के भीतर जांच पूरी कर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है। साथ ही जेयूटी और एआईसीटीई को जांच एजेंसी को पूर्ण सहयोग देने का आदेश भी दिया गया है। मामले की अगली सुनवाई 3 फरवरी को निर्धारित की गई है।
अदालत ने अपने आदेश में कहा कि छात्रों से नामांकन लेने के बाद उन्हें परीक्षा में शामिल होने के नाम पर अनावश्यक रूप से परेशान किया जाता है और उनसे अवैध वसूली की जाती है। कोर्ट ने इस स्थिति की तुलना ट्रैफिक पुलिस की अवैध वसूली से करते हुए कहा कि जैसे नो-एंट्री क्षेत्र में वाहन खड़ा होने पर दंड के नाम पर अवैध वसूली होती है, उसी तरह ये संस्थाएं भी छात्रों से पैसा वसूल रही हैं।
हाईकोर्ट ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि छात्रों के भविष्य के साथ इस तरह का खिलवाड़ पूरी तरह अस्वीकार्य है और सीबीआई जांच के बाद पूरे मामले की सच्चाई सामने आएगी।
