रांची

शाश्वत इंस्टीट्यूट में राष्ट्रीय युवा दिवस पर प्रेरणास्पद कार्यक्रम, स्वामी विवेकानंद के विचारों से युवाओं को किया गया प्रेरित

रांची, 12 जनवरी 2026: शाश्वत इंस्टीट्यूट ऑफ टीचर्स एजुकेशन, हटुप (इरबा), ओरमांझी, रांची में राष्ट्रीय युवा दिवस 2026 के अवसर पर भव्य एवं प्रेरणास्पद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ। इस अवसर पर स्वामी विवेकानंद के जीवन, उनके विचारों, राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका तथा सामाजिक समरसता पर विस्तार से चर्चा की गई।

संस्थान के प्राचार्य डॉ. एस. के. सिन्हा एवं अध्यक्ष डॉ. अनिल शर्मा ने सभी अतिथियों का शॉल एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर आत्मीय स्वागत एवं सम्मान किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि माननीय श्री आदित्य साहू, सांसद (राज्यसभा) ने अपने संबोधन में कहा कि स्वामी विवेकानंद का जीवन युवाओं के लिए ऊर्जा, आत्मविश्वास और राष्ट्रसेवा का प्रतीक है। उनके विचार आज भी भारत को सामाजिक एकता और नैतिक मजबूती की दिशा में प्रेरित करते हैं।

विशेष अतिथि प्रो. (डॉ.) सुदेश कुमार साहू, डीन, स्टूडेंट्स वेलफेयर, रांची विश्वविद्यालय ने कहा कि शिक्षा के माध्यम से ही स्वामी विवेकानंद के विचारों को व्यवहार में उतारा जा सकता है। उन्होंने शिक्षकों को युवाओं के चरित्र निर्माण की आधारशिला बताया। विशिष्ट अतिथि डॉ. जंग बहादुर पांडेय, पूर्व अध्यक्ष, हिंदी विभाग, रांची विश्वविद्यालय ने स्वामी विवेकानंद के साहित्यिक एवं दार्शनिक पक्ष पर प्रकाश डालते हुए उनके चिंतन को भारतीय संस्कृति की आत्मा बताया।

राजकमल सरस्वती विद्या मंदिर, धनबाद के संस्थापक प्राचार्य डॉ. वासुदेव प्रसाद ने विवेकानंद के संदेश “उठो, जागो और लक्ष्य प्राप्ति तक रुको मत” को आज के युवाओं के लिए पथप्रदर्शक बताया। वहीं राजकीय शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय, रांची के शिक्षक डॉ. ओम प्रकाश ने शिक्षक-प्रशिक्षण एवं युवाओं के सर्वांगीण विकास में विवेकानंद के विचारों की प्रासंगिकता पर बल दिया।

झारखंड उच्च न्यायालय के अधिवक्ता ललन कुमार सिन्हा ने संविधान, नैतिक मूल्यों एवं सामाजिक न्याय को विवेकानंद के विचारों से जोड़ते हुए युवाओं को सजग और जागरूक रहने का संदेश दिया। शिक्षाविद डॉ. रूपमाला ने महिला सशक्तिकरण और सामाजिक समरसता के संदर्भ में विवेकानंद के विचारों को आज भी प्रासंगिक बताया।

कार्यक्रम में संस्थान के शिक्षकगण डॉ. मधु सिंह, डॉ. रिया कुमारी, डॉ. नम्रता तिवारी, डॉ. रश्मि, डॉ. बिनिता, डॉ. बजरंगी मंडल, डॉ. नितेश सुमन, डॉ. सुविज्ञा कुमारी, डॉ. राखी सहित सभी प्राध्यापक उपस्थित रहे। सांस्कृतिक कार्यक्रम के अंतर्गत प्रशिक्षु शिक्षकों द्वारा गणेश वंदना, राजस्थानी नृत्य, नागपुरी नृत्य एवं चारों युगों की नृत्य-प्रस्तुति ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

इस अवसर पर संस्थान के ट्रस्टी स्नेह रंजन, उप-मुखिया तसीमा खातून एवं पंचायत समिति सदस्य खालदा खातून की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम के सफल आयोजन में प्रशिक्षु तेजस्वी भारद्वाज, राजकुमार साहू एवं उमेश का विशेष योगदान रहा। कार्यक्रम का संचालन डॉ. नितेश ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन डॉ. रश्मि द्वारा प्रस्तुत किया गया। अंत में राष्ट्रगीत वंदे मातरम् एवं राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

यह आयोजन स्वामी विवेकानंद के विचारों को आत्मसात कर युवाओं में राष्ट्रप्रेम, सामाजिक समरसता और नैतिक मूल्यों के संवर्धन की दिशा में एक प्रेरणादायक पहल सिद्ध हुआ।

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