नए साल के पहले दिन झारखंड में रिकॉर्ड तोड़ ठंड, रांची शिमला से भी ठंडी

रांची। नए साल 2026 के पहले ही दिन झारखंड कड़ाके की ठंड की चपेट में आ गया। राजधानी रांची में न्यूनतम तापमान गिरकर 2.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो देश के प्रसिद्ध हिल स्टेशन शिमला (8.7 डिग्री सेल्सियस) से भी काफी कम रहा। इस रिकॉर्ड तोड़ ठंड ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। लोग अलाव और गर्म कपड़ों के सहारे ठंड से बचने की कोशिश करते नजर आए।
मौसम विभाग के अनुसार, अगले तीन दिनों तक राज्य में शीतलहर और घना कोहरा बना रहेगा। सुबह और देर रात ठंड का असर सबसे अधिक देखने को मिलेगा। मौसम वैज्ञानिकों ने बताया कि दिन में धूप निकलने की संभावना तो है, लेकिन तापमान में किसी बड़ी बढ़ोतरी की उम्मीद नहीं है।
इन जिलों में छाया रहा घना कोहरा
नए साल की सुबह रांची सहित राज्य के कई जिलों में घना कोहरा छाया रहा। रांची, पलामू, गढ़वा, हजारीबाग, कोडरमा, गिरिडीह, देवघर, पूर्वी सिंहभूम और पश्चिमी सिंहभूम समेत कुल 9 जिलों में कोहरे का व्यापक असर देखने को मिला। कई इलाकों में दृश्यता घटकर 50 से 200 मीटर तक रह गई, जिससे सड़क यातायात के साथ-साथ हवाई सेवाएं भी प्रभावित हुईं।
घने कोहरे के कारण कई उड़ानें देरी से चलीं, जबकि कुछ उड़ानों को रद्द भी करना पड़ा। यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा, वहीं सुबह के समय हाईवे और शहर की सड़कों पर वाहनों की रफ्तार बेहद धीमी रही।
अन्य शहरों का तापमान भी लुढ़का
राज्य के अन्य जिलों में भी तापमान सामान्य से काफी नीचे दर्ज किया गया।
कांके: 3.0 डिग्री
गुमला: 3.9 डिग्री
मेदिनीनगर: 5.1 डिग्री
बोकारो: 6.1 डिग्री
चाईबासा: 8.8 डिग्री
जमशेदपुर: 9.0 डिग्री सेल्सियस
ठंड के कारण सुबह और शाम के समय लोग घरों से निकलने से बचते नजर आए। बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर भी भीड़ कम रही।
प्रदूषण ने बढ़ाई चिंता
ठंड के साथ-साथ वायु प्रदूषण ने भी लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। रांची का AQI 353, जमशेदपुर का 499 और धनबाद में यह 603 तक पहुंच गया, जो बेहद खतरनाक श्रेणी में आता है। विशेषज्ञों के अनुसार, ठंड और कोहरे के कारण प्रदूषक तत्व वातावरण में लंबे समय तक बने रहते हैं, जिससे सांस संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
मौसम विभाग की चेतावनी
मौसम विभाग ने लोगों को अगले दो से तीन दिनों तक सतर्क रहने की सलाह दी है। खासकर बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को ठंड और प्रदूषण से बचने के लिए घर में रहने की अपील की गई है। साथ ही वाहन चालकों को कोहरे में सावधानी से वाहन चलाने की सलाह दी गई है।
कुल मिलाकर, नए साल की शुरुआत झारखंड में कड़ाके की ठंड, घने कोहरे और बढ़ते प्रदूषण के बीच हुई है, जिसने आम जनजीवन को चुनौतीपूर्ण बना दिया है।
