2024 general elections

2024 के आम चुनाव का सबसे बड़ा मुद्दा हो सकता है जनसंख्या नियंत्रण कानून

झारखण्ड
  • अशोक शर्मा

रांची : तमाम राजनीतिक संकेत इस बात की ओर इशारा कर रहे हैं कि 2024 के आम चुनाव का सबसे बड़ा मुद्दा होगा जनसंख्या नियंत्रण कानून की जरूरत. इस बाबत एक देश एक कानून की वकालत शुरु हो गई है. आरएसएस चीफ मोहन भागवत ने नागपुर में विजयादशमी महोत्सव में यह स्पष्ट कहा कि अब जरूरत हो गई है ऐसे कानून की. श्री भागवत ने स्पष्ट कहा कि जनसंख्या पर समग्र नीति बनाने की जरूरत है. यह सब पर समान रूप से लागू हो और किसी को भी छूट नहीं मिले.

मोहन भागवत ने नागपुर में कहा – अब जरूरत हो गई है ऐसे कानून की

वर्तमान में भारत को कड़े जनसंख्या नियंत्रण कानून की सख्त आवश्यकता है जनसंख्या असंतुलन से भौगोलिक सीमाओं में परिवर्तन होता है. श्री भागवत कहा कि एक भूभाग में जनसंख्या में संतुलन बिगड़ने का परिणाम है कि सूडान से दक्षिण सूडान, इंडोनेशिया से ईस्ट तिमोर और सर्बिया से कोसोवा नाम के कई देश बन गए.

अनियंत्रित जनसंख्या से बढ़ रही रोजगार की समस्या

भारत को अपनी उत्पादन क्षमता को भी ध्यान में रखना है। इसके अलावा और भी कई ऐसे संसाधन हैं जो सीमित हैं. मंदिर, पानी, श्मशान भूमि सबके लिए समान होनी चाहिए. बेशक हिंदुस्तान हिंदू राष्ट्र है, लेकिन हमारा किसी से विरोध नहीं. हमें किसी को जीतना नहीं बल्कि जोड़ना है. अनियंत्रित जनसंख्या से रोजगार की समस्या भी सुलझ नहीं रही है. स्वरोजगार समस्या के समाधान का बहुत बड़ा माध्यम बन सकता है.

शीतकालीन सत्र में इस तरह की पहल होने की संभावना

राजनीतिक सूत्रों के अनुसार अगले साल शीतकालीन सत्र में इस तरह की पहल हो सकती है. क्योंकि अप्रैल मई 2024 में आम चुनाव होने हैं. जनसंख्या नियंत्रण कानून का मुद्दा चुनाव के सबसे बड़े मुद्दों में से एक संभावित है. ऐसे में राजनीतिक संभावना व्यक्त की जा रही है कि आगामी आम चुनाव से पहले जनसंख्या नियंत्रण को लेकर कानून सामने आ जाए.

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